एक कहानी मेरी ज़ुबानी

 बहुत सी कहानीयाँ सुनी और देखी होंगी पर न जानें क्यों अक्सर हर किसी को अपनी ही दास्तां ख़ास लगती है. चाहे वो अधूरी हो या उस कहानी का उससे बेहतरीन अंजाम मिल गया हो. जिस कहानी में हैप्पी एंडिग होती है वो तो बहुत ही अच्छी लगती हैं. जिसको अपना प्यार नहीं मिलता चाहे वो किस्मत का लिखा कहो या ख़ुदा की कोई साज़िश, उस कहानी की शुरुआत अनोखी ही होती है. कई साल पहले की कहानी नहीं है, यह बस कुछ महीनों पुरानी हाल-ए-दिल की दस्तां है. जिसें लफ्जों में पिरो रही हूँ.



रोज़ की तरह बस स्टैंड पर अपनी बस का इंतज़ार कर रही थी और रोज़ाना की तरह ही न जाने कितने चेहरों को अपने सामने से गुज़रता देख रही थी. लेकिन मेरी नज़रे मानो ठहर गई हो, सिर्फ उसको देखने के लिए. जब वो मेरे सामने सें मुस्कुराता हुआ गुज़ारा, तो उसकी आँखों की चमक और मंद-मंद मुस्कान मानों मुझसें कुछ कहना चाह रही थी. मैं नादान, अपनी खूबसूरती पर इतराते हुए आँखे तो फेर ली लेकिन दिल थम सा गया, इसलिए चुपके-चुपके उसे देख रही थी.

शायद  उसकी और मेरी नज़रे आपस में बातें करने लगी थी, तभी तो उसको देख मेरे होंठो पर मुस्कान अपने आप आने लगी. फिर उसनें कुछ कहा मैं हैरान निगाहों सें समझने की कोशिश करने लगी. वो हँसता हुआ मेरी और बढ़ने लगा, उसें यह करता हुआ देख मैंने शर्माते हुए अपनी आँखों को झुका लिया. उसनें मेरे करीब आकर कहा तुम नैना हो ना? मैं चौंक उठी और तुरंत पुछा तुम! तुम कौन हो? कैसे जानते हो मेरा नाम? वो 2 मिनट मुझे ताकता रहा और फिर बोला मैं वही सैड़ लव स्टोरी(sad love story) वाला पागल लड़का हूँ, याद आया मोहतरमा.

मुझे मेरी आँखों पर य़कीन नहीं हो रहा था कि यह वही लड़का है. जिसे एक वक़्त पर इंकार का तमाचा मारा था और कहा था कि मैं नही चाहती सैड़ लव स्टोरी(sad love story) अपनी ज़िंदगी में, क्योंकि वह उस वक़्त बिखरे बालों  के साथ ख़ामोशी को अपने लबों पर ओढ़े रखने वाला शख्स था. मुझे क्या मालूम था कि वक़्त यूं करवट लेगा और वही शख्स मेरे सामने बॉडी-बिल्डर जैसें स्टाइलिश लुक में खड़ा होगा. उसने मुझसें पूछा कि क्या आज सैड़ लव स्टोरी(Sad love story) की हैप्पी एंडिंग हो चुकी है? मैंने हिचकते हुए कहा नही. उसने हैरान आँखों से पुछा क्यों? मैं मुस्कराती हुई बोली, कि मैंने उस वक़्त भी कहा था आज भी कह रही हूँ कि मैं सैड़ लव स्टोरी(sad love story) नहीं चाहती थी. उसकी निगाहों से समझ गई थी. उसकें मन में बहुत से सवालों की लहरें उठी, मैंने कहा – मेरा इंकार का कारण तुम्हारे हालात नहीं मेरी कैंसर की बीमारी है. जिसकी वहज से 1 महीने की ज़िन्दगी की मोहताज़ हूँ.

यह सुन उसकी आँख से आंसू गिरा और उसने झट से मुझे गले लगा लिया. मैं कितना गलत था जो कि ये सोच रहा था कि तुमनें अपनी खूबसूरती के घमंड में मेरी मोहब्बत को ठुकरा दिया था, लेकिन हकीक़त तो कुछ और ही थी. मैंने अपने आंसुओं को संभाला और उसकी ओर देखते हुए कहा, पसंद तो पहले दिन से थे. बस आज कुछ अलग लगे और फिर अपनी बाहों में ले अपनी ख्यालों की दुनिया में खो गई. कुछ वक़्त बाद ऐहसास हुआ कि मैं सड़क पर हूँ और मेरी बस खड़ी है, मैंने मुसकुरते हुए अलविदा कहा और बस में चढ़ गई. मेरी ज़िन्दगी का वो पल बेहद हसीन था, जब मैं सब कुछ भूल उसकी बाहों में थी.



आज अपनी मरणशैया पर सोई उस को याद करते हुए जब मैंने उसे सैड़ लव स्टोरी(sad love story) का बहाना दिया और सच जानकार उसने मुझे अपनी बाहों में मुझे भरा. बस अफ़सोस रहा कि मैं दोबारा चाह कर भी उससे मिल न सकी, क्योंकि मैं नहीं चाहती थी कि उसकी ज़िंदगी में कोई सैड़ लव स्टोरी(sad love story) हो.


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